मिस्टर परफेक्शनिस्ट के नाम से लोगों के दिलों में अपनी जगह बनाने वाले अभिनेता आमिर खान ने कहा कि मैं किसी पार्टी के लिए प्रचार नहीं करता हूं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्विटर के ज़रिए कई फ़िल्मी कलाकारों से लोगों को वोट देने के लिए प्रेरित करने की अपील की है.
प्रधानमंत्री के चहेते कलाकारों की सूची में अभिनेता आमिर ख़ान का नाम भी शामिल है.
चुनाव प्रचार के लिए बना हूँ ब्रांड एम्बेसडर
आमिर हर साल की तरह इस बार भी अपने जन्मदिन के मौके पर पत्रकारों से मिले.
इस दौरान जब उनसे पूछा गया कि आपका नाम भी शामिल हो रहा है प्रचार के लिए?
इस सवाल का जवाब देते हुए आमिर ख़ान ने कहा, "ये बात अच्छी और सही है कि ज़्यादा से ज़्यादा लोग इस प्रक्रिया से जुड़े हैं. नरेंद्र मोदी इस देश के प्रधानमंत्री हैं और जब उन्होंने कुछ लोगों से अपील की है कि हम जनता से कहें कि वोट करें तो ये अच्छी बात है और ज़ाहिर है सेलिब्रिटीज का कहना काफी लोगों पर असर डालता है."
"ऐसा नहीं है कि सिर्फ मोदी जी ने मुझे पहली बार कहा हो. चुनाव आयोग ने भी मुझे कई बार ब्रांड एम्बेसडर के तौर पर इस्तेमाल किया है ताकि मैं लोगों को कहूं कि आकर वोट करें. ये इस साल से नहीं बल्कि कई सालों से हो रहा है. मुझसे और कई कलाकारों से विनती की जाती रही है कि हम लोगों को वोट डालने के लिए प्रेरित करें. लेकिन मैं ये नहीं कहता कि आप इसको या उसको वोट दो."
आमिर अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहते हैं, "मैं यह नहीं बता सकता कि कैसे वोट करें, हर भारतीय स्मार्ट हैं. वो खुद सोचें और उसी तरह वोट करें जो उनके लिए क्या ज़रूरी हो. कैसा मुद्दा उनके लिए ज़रूरी है, यह उन्हें खुद सोचना होगा और यह उन्हीं पर आधारित है. यह आवश्यक है कि सभी टाइम निकालकर आगे आएं और अपना वोट डालें."
आमिर से पूछा गया कि क्या वो बीजेपी के लिए प्रचार करेंगे तो इस पर आमिर ने कहा कि मैं किसी के लिए कोई प्रचार नहीं करता हूं.
आमिर ख़ान ने उस बात पर भी सफाई देते हुए कहा, "जब पिछले साल 23 अक्टूबर को दिल्ली में फिल्म इंडस्ट्री के दिग्गज सितारों ने पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. इनमें मैं, राजकुमार हिरानी, आनंद एल राय, रितेश सिधवानी, सिद्धार्थ रॉय कपूर जैसे कुछ और लोग शामिल थे तो इस मुलाकात के बाद एक बड़ा विवाद ये उठा कि इस मुलाक़ात में किसी महिला को आमंत्रित नहीं किया गया? क्या महिला इतनी सक्षम नहीं? हमारी सोच इतनी छोटी कतई नहीं है. मुझे नहीं लगता कि पहली बार हम जब मिलने गए थे प्रधानमंत्री से तो जानबूझकर हम किसी महिला को नहीं लेकर गए थे. ऐसा बिल्कुल भी नहीं है."
आमिर ने अपनी बात पर रोशनी डालते हुए कहा कि मैं उदाहरण के तौर पर बताना चाहता हूँ कि अगर मैं अपनी आने वाली फ़िल्म लाल सिंह चड्डा के लिए कुछ महत्वपूर्ण बात अपने निर्देशक अद्वैत चंदन और लेखक से करूँ तो मैं ये नहीं कहूंगा रुको पहले किसी एक महिला को बुलाओ क्योंकि मेरे लिए अतुल कुलकर्णी उस समय कोई महिला या पुरुष नहीं है वो एक लेखक है."
"अतुल एक पुरुष है इसलिए वो वहां हैं, ऐसा तो बिलकुल भी नहीं है. मेरे लिए पुरुष और महिला दोनों एक समान हैं और जब हम प्रधानमंत्री से मिलने गए थे तब भी यही था. मैं इस बात को मानता हूँ कि महिलाओं के आ जाने से हमारी क्रिएटिविटी और बढ़ जाती है लेकिन हम एक एजेंडा के साथ गए थे ज़ोया अख्तर इसका हिस्सा बन सकती थीं लेकिन वो बन नहीं पाईं."
"जो लोग उस वक़्त अपना वक़्त निकाल पाए, वो सभी जा सके. हम सभी का एक ही मुद्दा था फिल्मों को लेकर, और महिलाओं का शामिल ना हो पाना ये एक संयोग ही था. हमारी सोच ऐसी नहीं है और ना ही ये कोई सरकारी आधिकारिक घोषणा थी."
पिछले साल रिलीज़ हुई फिल्म 'ठग्स ऑफ़ हिन्दुस्तान' बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ़्लॉप रही और इसका अफ़सोस खुद आमिर को भी है.
वो मानते हैं कि फ़िल्म की कहानी सही नहीं थी लेकिन अब उन्होंने अपने आने वाली फ़िल्म की अनाउंसमेंट कर दी है.
अपनी नई फ़िल्म के बारे में बात करते हुए उन्होंने बताया है, "मैं एक फ़िल्म की शूटिंग जल्द ही शुरू करने वाला हूँ और इस फ़िल्म का नाम लाल सिंह चड्ढा होगा. मैं इस फ़िल्म में लीड रोल निभाऊंगा. बाकी स्टारकास्ट अभी तय नहीं है. मैं इस फ़िल्म में सिख का किरदार निभाउंगा. पहली बार किसी फ़िल्म में पगड़ी में दिखूंगा. इस फिल्म के लिए अगले छह महीने में 20 किलो तक वजन कम करना होगा जिसकी तैयारी मैं शुरू कर चुका हूँ."
हॉलीवुड की इस फ़िल्म में अभिनेता टॉम हैंक्स ने बेहतरीन किरदार निभाया था. साल 1986 में आये विंस्टन ग्रूम के उपन्यास पर ये आधारित है.
Tuesday, March 19, 2019
Tuesday, March 12, 2019
落马“巨贪”案款是如何执行的?最高法这么说
十三届全国人大二次会议新闻中心于3月12日15时在梅地亚中心新闻发布厅举行记者会,邀请最高人民法院审判委员会副部级专职委员刘贵祥,福建省高级人民法院院长吴偕林,江西省高级人民法院院长葛晓燕就“攻坚‘基本解决执行难’”相关问题回答中外记者提问。
澎湃新闻记者:我有个问题想要请教,关于反腐败行动当中的涉案财产处理问题。我们关注到,十八大以来,中央持续加大了反腐力度,有不少贪官落马,这些贪官当中也有很多“巨贪”,请问这些“巨贪”背后的这么多钱怎么处理?另外,这些贪官也会被处以罚金或者没收财产,这一块案款是怎么执行的?
刘贵祥:党的十八大以来,各级人民法院在以习近平同志为核心的党中央的坚强领导下,坚决贯彻落实中央反腐斗争的决策部署,充分发挥我们的司法审判职能,依法、高效、有序地审理了一批涉职务犯罪案件。在发挥司法职能,惩治贪腐犯罪的同时,加大了对贪腐分子的经济处罚力度,追缴他的非法所得,提高他的违法犯罪成本。
刘贵祥:大家可能也注意到了,2015年8月,全国人大常委会通过了《刑法修正案(九)》,其中有个重要内容是,对贪污贿赂犯罪增加了“罚金刑”,最高人民法院和最高人民检察院为了确保“罚金刑”适用的有效性和严肃性,专门出台了一个司法解释,在这个司法解释中,依托于主刑,分层次地规定了适用“罚金刑”应该把握的标准,从这个标准上可以看出来,对贪腐犯罪的“罚金刑”适用标准要远远高于一般犯罪“罚金刑”的适用标准。同时,这个司法解释中还明确规定,对于没有追缴到案的犯罪分子非法所得,要一追到底,不设时限,随时发现随时追缴。
刘贵祥:党的十八大以来,人民法院共依法审结省部级以上领导干部职务犯罪案件117件,117人。其中29人被判处没收全部个人财产,其余88人被判处罚金、没收部分个人财产。财产刑全部执行到位。绝大多数犯罪分子的贪污所得被全部追缴。
周强:严惩贪污贿赂等腐败犯罪。依法审理孙政才等重大职务犯罪案件,彰显党中央巩固发展反腐败斗争压倒性胜利的坚强决心。各级法院审结贪污贿赂、渎职等案件2.8万件3.3万人,其中被告人原为省部级以上干部的18人,厅局级339人,县处级1185人。加大对行贿犯罪惩治力度,判处罪犯2466人。与国家监委等联合发布公告,敦促职务犯罪境外在逃人员投案自首,配合做好境外追逃追赃工作。依法适用没收违法所得程序,裁定没收“红通33号”黄艳兰等违法所得,对腐败分子形成有力震慑。
周强:严惩严重危害群众生命财产安全犯罪。严惩杀人、抢劫、绑架等严重暴力犯罪,严厉打击涉枪涉爆犯罪,审结相关案件4.1万件,判处罪犯5.1万人。严惩重大责任事故、危险驾驶等危害公共安全犯罪,审结相关案件34.2万件。会同公安部等部门出台意见,严惩妨害安全驾驶犯罪,维护公共交通安全。积极参与禁毒斗争,审结毒品犯罪案件10万件。严惩暴力伤医犯罪,维护正常医疗秩序。出台意见严厉打击非法集资犯罪。严厉打击“套路贷”诈骗,严惩通过“虚增债务”“恶意制造违约”等方式非法侵占财物犯罪。审结危害食品药品安全犯罪案件7092件。加大对涉疫苗犯罪惩治力度。
周强:严惩涉网络犯罪。严厉打击电信网络诈骗、侵犯个人信息、利用网络窃取商业秘密、网络传销等犯罪,审结相关案件8907件,依法审理张凯闵等85人特大跨境电信诈骗案。严惩破坏计算机信息系统、利用网络开设赌场等新型犯罪,促进营造健康清朗的网络空间。
澎湃新闻记者:我有个问题想要请教,关于反腐败行动当中的涉案财产处理问题。我们关注到,十八大以来,中央持续加大了反腐力度,有不少贪官落马,这些贪官当中也有很多“巨贪”,请问这些“巨贪”背后的这么多钱怎么处理?另外,这些贪官也会被处以罚金或者没收财产,这一块案款是怎么执行的?
刘贵祥:党的十八大以来,各级人民法院在以习近平同志为核心的党中央的坚强领导下,坚决贯彻落实中央反腐斗争的决策部署,充分发挥我们的司法审判职能,依法、高效、有序地审理了一批涉职务犯罪案件。在发挥司法职能,惩治贪腐犯罪的同时,加大了对贪腐分子的经济处罚力度,追缴他的非法所得,提高他的违法犯罪成本。
刘贵祥:大家可能也注意到了,2015年8月,全国人大常委会通过了《刑法修正案(九)》,其中有个重要内容是,对贪污贿赂犯罪增加了“罚金刑”,最高人民法院和最高人民检察院为了确保“罚金刑”适用的有效性和严肃性,专门出台了一个司法解释,在这个司法解释中,依托于主刑,分层次地规定了适用“罚金刑”应该把握的标准,从这个标准上可以看出来,对贪腐犯罪的“罚金刑”适用标准要远远高于一般犯罪“罚金刑”的适用标准。同时,这个司法解释中还明确规定,对于没有追缴到案的犯罪分子非法所得,要一追到底,不设时限,随时发现随时追缴。
刘贵祥:党的十八大以来,人民法院共依法审结省部级以上领导干部职务犯罪案件117件,117人。其中29人被判处没收全部个人财产,其余88人被判处罚金、没收部分个人财产。财产刑全部执行到位。绝大多数犯罪分子的贪污所得被全部追缴。
周强:严惩贪污贿赂等腐败犯罪。依法审理孙政才等重大职务犯罪案件,彰显党中央巩固发展反腐败斗争压倒性胜利的坚强决心。各级法院审结贪污贿赂、渎职等案件2.8万件3.3万人,其中被告人原为省部级以上干部的18人,厅局级339人,县处级1185人。加大对行贿犯罪惩治力度,判处罪犯2466人。与国家监委等联合发布公告,敦促职务犯罪境外在逃人员投案自首,配合做好境外追逃追赃工作。依法适用没收违法所得程序,裁定没收“红通33号”黄艳兰等违法所得,对腐败分子形成有力震慑。
周强:严惩严重危害群众生命财产安全犯罪。严惩杀人、抢劫、绑架等严重暴力犯罪,严厉打击涉枪涉爆犯罪,审结相关案件4.1万件,判处罪犯5.1万人。严惩重大责任事故、危险驾驶等危害公共安全犯罪,审结相关案件34.2万件。会同公安部等部门出台意见,严惩妨害安全驾驶犯罪,维护公共交通安全。积极参与禁毒斗争,审结毒品犯罪案件10万件。严惩暴力伤医犯罪,维护正常医疗秩序。出台意见严厉打击非法集资犯罪。严厉打击“套路贷”诈骗,严惩通过“虚增债务”“恶意制造违约”等方式非法侵占财物犯罪。审结危害食品药品安全犯罪案件7092件。加大对涉疫苗犯罪惩治力度。
周强:严惩涉网络犯罪。严厉打击电信网络诈骗、侵犯个人信息、利用网络窃取商业秘密、网络传销等犯罪,审结相关案件8907件,依法审理张凯闵等85人特大跨境电信诈骗案。严惩破坏计算机信息系统、利用网络开设赌场等新型犯罪,促进营造健康清朗的网络空间。
Wednesday, March 6, 2019
बालाकोट एयर स्ट्राइक पर सवाल: जानिए क्या कहते हैं तीन बड़े डिफेंस एक्सपर्ट
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान के बालाकोट में भारतीय वायुसेना की एयर स्ट्राइक के इर्द गिर्द कई अनसुलझे सवाल घूम रहे हैं, जिसका स्पष्ट उत्तर अभी सरकार की तरफ से मिलना बाकी है. पुलवामा में शहीद हुए जवान के परिवार भी अब इस बात का सबूत मांगने लगे हैं कि पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बालाकोट में कितने आतंकी हलाक हुए.
भारतीय वायुसेना की एयर स्ट्राइक के बाद विदेशी मीडिया ने सरकार के दावों पर सवाल उठाए हैं. विपक्षी दल भी विदेशी मीडिया का हवाला देते हुए सरकार से सवाल पूछने लगे हैं. सोसायटी फॉर पॉलिसी स्टडीज के निदेशक और जाने-माने रक्षा विशेषज्ञ सी. उदय भास्कर का मानना है कि लोकतंत्र में ऐसे सवाल पूछना देशद्रोह नहीं है. 1962 में भारत-चीन युद्ध के दौरान भी तत्कालीन सरकार से सवाल पूछे गए थे. बालाकोट में हुई एयरस्ट्राइक से जुड़े ऐसे कई सवाल हैं जिनका जवाब मांगा जा रहा है.
बालाकोट में कितने आतंकी मारे गए?
एयर स्ट्राइक की खबर आने के साथ ही कहा गया कि बालाकोट में 300 आतंकी मारे गए. फिर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने दावा किया कि 250 आतंकी मरे. अमित शाह के दावे पर विदेश राज्य मंत्री और पूर्व सेना प्रमुख वीके सिंह कह रहे हैं कि शाह का बताया आंकड़ा महज एक अनुमान है.
उधर, एयर वाइस मार्शल आरजीके कपूर का कहना है कि हमारे पास साक्ष्य हैं कि जो लक्ष्य था, हमने हासिल किया. वहीं एयर स्ट्राइक के दिन यानी 26 फरवरी को विदेश सचिव विजय गोखले ने बताया कि गोपनीय सूचना के आधार पर वायुसेना ने ऐहतियाती गैर-सैन्य कार्रवाई की जिसमें बड़ी संख्या में आतंकी, कमांडर और ट्रेनर मारे गए.
एयर वाइस मार्शल (रिटायर्ड) कपिल काक का कहना है कि बालाकोट में कितने आतंकी मारे गए यह पाकिस्तान और उसकी खुफिया एजेंसी आईएसआई को ही पता होगा. इसके अलावा पाकिस्तान में जो हमारे ग्राउंड इंटेलिजेंस हैं उन्हें भी पता होगा. वहीं रक्षा विशेषज्ञ सी. उदय भास्कर का मानना है कि विदेश सचिव ने अगर कहा है कि बड़ी संख्या में आतंकी मारे गए, तब उन्होंने किसी सूचना के आधार पर ही ये बात कही होगी.
बालाकोट के सबूत क्या हैं?
बालाकोट में एयर स्ट्राइक पर विपक्षी दल सरकार से सबूत मांग रहे हैं. विपक्ष के सवाल पर सरकार उलटा पूछ रही है कि क्या सेना पर विश्वास नहीं? एयर वाइस मार्शल (रिटायर्ड) कपिल काक का कहना है कि युद्ध या युद्ध जैसी स्थिति में विरोधाभासी बयान नहीं होने चाहिए. जब वायुसेना और विदेश सचिव ने संख्या नहीं बताई तो 250-300 की संख्या कहां से आई. ऊपर से विदेश राज्य मंत्री का अमित शाह द्वारा बताई गई संख्या का बचाव करना भी अफवाहों को बल देने जैसा है. अगर सरकार के पास सबूत हैं तो उसे अगले ही दिन जनता के सामने रखने चाहिए.
कपिल काक का कहना है कि आजकल के हथियार ऐसे हैं जो बिल्डिंग नहीं गिराते लेकिन अंदर रहने वाले लोगों को मारते हैं. स्पाइस-2000 ऐसा ही स्मार्ट बम है जिसमें लेजर गाइडेड को-ऑर्डिनेट सेट किए जाते हैं. यह छत के रास्ते भीतर जाता है और बिल्डिंग के भीतर टारगेट को हिट करता है. उन्होंने बताया कि वायुसेना के पास जो भी सबूत हैं वो सैटेलाइट इमेज, तकनीक से हासिल होंगे. खुफिया एजेंसी रॉ के पास भी ऐसे संसाधन हैं जिनसे टारगेट की इमेज ली जा सकती है. इसे सिंथेटिक एपर्चर राडार कहते हैं जो घने बादल में भी तस्वीरें ले सकता है.
रक्षा विशेषज्ञ सी. उदय भास्कर ने कहा विदेश सचिव ने साफ कहा कि वहां बड़ी संख्या में आतंकवादी मारे गए. यह किसी न किसी इनपुट पर आधारित होगा. लेकिन जनता या विपक्षी दलों के सवाल पूछने के हक को भी नाकारा नहीं जा सकता. उन्होंने कहा कि हो सकता है सरकार अपनी सर्विलांस तकनीक उजागर नहीं करना चाहती हो इसलिए सबूत जारी नहीं किए जा रहे हों. हालांकि उन्होंने कहा कि इस तरह की स्ट्राइक में अगर हम आधे घंटे के भीतर इमेज ले पाते हैं तब तो ठीक है. लेकिन 24 घंटे बीत जाने के बाद दुश्मन देश को पास टारगेट छिपाने का पर्याप्त समय मिल जाता है.
क्या अभिनंदन ने ही गिराया एफ-16?
भारतीय एयर स्ट्राइक के अगले दिन पाकिस्तानी वायुसेना के विमानों ने भारतीय वायु क्षेत्र का उल्लंघन करने की कोशिश की. पाकिस्तानी वायुसेना ने भारत के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए कुछ मिसाइल भी दागे लेकिन इसमें कोई नुकसान नहीं हुआ. हालांकि पाकिस्तानी लड़ाकू विमान का पीछा करते हुए मिग-21 बाइसन एयरक्राफ्ट पर सवार विंग कमांडर अभिनंदन पाकिस्तान की सीमा में घुस गए. उनका विमान क्षतिग्रस्त हो गया जबकि पाकिस्तानी सेना ने उन्हें कब्जे में ले लिया. एयर वाइस मार्शल आरजीके कपूर ने AMRAAM मिसाइल के टुकड़े दिखाकर साबित किया कि यह मिसाइल सिर्फ एम-16 लड़ाकू विमान में ही फिट हो सकती हैं. उन्होंने बताया कि दोनों वायुसेनाओं की डॉग फाइट में भारत ने एक मिग-21 गंवाया जबकि पाकिस्तान का भी एक विमान मार गिराया गया.
भारत दावा कर रहा है कि उसने पाकिस्तान का एक एफ-16 विमान मार गिराया तो वहीं पाकिस्तान इससे इनकार कर रहा है. पाकिस्तान के इनकार के पीछे अमेरिका के साथ एफ-16 के प्रयोग की शर्त हो सकती है. लेकिन यह दावा किया जा रहा है कि पाकिस्तानी एफ-16 विमान को विंग कमांडर अभिनंदन ने मार गिराया. एयर मार्शल (रिटा.) आरसी वाजपेयी का कहना है कि पाकिस्तानी वायुसेना के विमान और भारतीय वायुसेना के विमानों के बीच डॉग फाइट हुई जिसमें मिग-21, सुखोई 30 और मिराज 2000 ने हिस्सा लिया. इसमें पाकिस्तान के एफ-16 विमानों ने हवा से हवा में मार करने वाली AMRAAM मिसाइल का इस्तेमाल कर सुखोई 30 और मिग 21 को निशाना बनाना चाहा. जिसके टुकड़े भारतीय सीमा में मिले हैं.
एयर मार्शल (रिटा.) आरसी वाजपेयी ने कहा कि चूंकि विंग कमांडर अभिनंनद ही अकेले फाइटर पायलट थे जिन्होंने नियंत्रण रेखा पार कर पाकिस्तानी विमानों को खदेड़ा था इसलिए यह दावा किया जा रहा है कि मिग-21 हिट होने से पहले उन्होंने पाकिस्तानी विमान को हवा से हवा मार करने वाली R73 मिसाइल से मार गिराया.
भारत का MI-17 हेलिकॉप्टर किसने गिराया?
भारतीय वायुसेना और पाकिस्तानी वायुसेना के बीच संघर्ष के 10 मिनट के भीतर बडगाम में भारतीय MI-17 चॉपर क्रैश हो गया. इस हादसे में 6 जवानों की मौत हो गई. इस घटना को लेकर जो आधिकारिक बयान आए हैं उसमें यह कहा गया है कि MI-17 रुटीन मिशन पर था. लेकिन यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि आखिर भारतीय हेलिकॉप्टर गिरा कैसे? इस घटना पर कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश दे दिए गए हैं जिसकी रिपोर्ट अगले 10-15 दिन में आने की उम्मीद है.
एयर मार्शल कपिल काक का मानना है कि पाकिस्तान ने भी यह दावा नहीं किया कि MI-17 हादसे से उसका कुछ लेना देना है. इस हादसे पर जांच बैठाई गई है लिहाजा इसका इंतजार करना चाहिए. हेलिकॉप्टर के ब्लैक बॉक्स या उसके मलबे से पता लगाने की कोशिश होगी कि यह तकनीकी खामी से हुआ हादसा था या इसके पीछे कोई अन्य कारण था.
हमने नियंत्रण रेखा लांघी या पाक सीमा?
बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद भारत के आधिकारिक बयान में यह कहा गया कि उसने अपने टारगेट पर प्रहार किया लेकिन यह स्पष्ट नहीं हुआ कि हमारी वायुसेना पाकिस्तान सीमा में दाखिल हुई या नियंत्रण रेखा से ही टारगेट को निशाना बनाया. रक्षा विशेषज्ञ सी. उदय भास्कर का कहना है कि हमले के बाद इंडियन एक्सप्रेस में आधिकारिक सूत्रों के हवाले से खबर आई थी भारतीय वायुसेना ने नियंत्रण रेखा से ही टारगेट को हिट किया. उदय भास्कर का कहना है कि वायुसेना की एयर पावर ऐसी है कि बिना दुश्मन की सीमा जाए टारगेट को निशाना बनाया जा सकता है.
एयर मार्शल (रिटा.) आरसी वाजपेयी का मानना है कि इस मामले में भारत का रुख स्पष्ट है कि उसने पाकिस्तान हमला नहीं किया बल्कि आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया है. वाजपेयी का कहना है कि हमने इस्त्राइल निर्मित AWACS सिस्टम का प्रयोग इसलिए किया ताकि पाकिस्तान के राडार सिस्टम को जाम किया जा सके. अगर हमें नियंत्रण रेखा के इस पार से ही हमला करना था तो यह किसी और मिसाइल से किया जा सकता था. वाजपेयी ने कहा कि बालाकोट का इलाका पहाड़ियों वाला है ऐसे सटीक निशाना बनाने के लिए टारगेट को स्पष्टता से लोकेट करना जरूरी है.
बालाकोट पर एयर स्ट्राइक ने चुनावी साल में राजनीतिक रंग ले लिया है. पुलवामा हमले के बाद जो विपक्ष सरकार के साथ खड़ा होने का दावा कर रहा था अब वो सरकार से सवाल पूछ रहा है. रक्षा विशेषज्ञ सी. उदय भास्कर का मानना है कि लोकतंत्र में चाहे जनता हो या विपक्षी दल उनके सवालों को राष्ट्रविरोधी बताकर नकारा नहीं जा सकता. द्वितीय विश्व युद्ध में इंग्लैंड की सरकार से सवाल पूछे गए थे, कारगिल युद्ध के बाद वाजपेयी सरकार से भी सवाल किए गए थे.
उदय भास्कर का मानना है कि अगर सूचना इतनी ही गोपनीय है तो सरकार विपक्षी दलों के शंका का समाधान तो कर ही सकती है. गोपनीयता की शपथ सबने ले रखी है. इंडिया टुडे/आजतक के न्यूज डायरेक्टर राहुल कंवल द्वारा केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल से पूछे गए सवाल और उसके जवाब में गोयल के व्यवहार की आलोचना करते हुए उदय भास्कर ने कहा कि गोयल आसानी से यह कहकर बच सकते थे कि वे इस सवाल का जवाब देने की क्षमता नहीं रखते. लेकिन पूछे गए सवाल को सीधे सेना पर सवाल बताना ठीक नहीं है.
भारतीय वायुसेना की एयर स्ट्राइक के बाद विदेशी मीडिया ने सरकार के दावों पर सवाल उठाए हैं. विपक्षी दल भी विदेशी मीडिया का हवाला देते हुए सरकार से सवाल पूछने लगे हैं. सोसायटी फॉर पॉलिसी स्टडीज के निदेशक और जाने-माने रक्षा विशेषज्ञ सी. उदय भास्कर का मानना है कि लोकतंत्र में ऐसे सवाल पूछना देशद्रोह नहीं है. 1962 में भारत-चीन युद्ध के दौरान भी तत्कालीन सरकार से सवाल पूछे गए थे. बालाकोट में हुई एयरस्ट्राइक से जुड़े ऐसे कई सवाल हैं जिनका जवाब मांगा जा रहा है.
बालाकोट में कितने आतंकी मारे गए?
एयर स्ट्राइक की खबर आने के साथ ही कहा गया कि बालाकोट में 300 आतंकी मारे गए. फिर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने दावा किया कि 250 आतंकी मरे. अमित शाह के दावे पर विदेश राज्य मंत्री और पूर्व सेना प्रमुख वीके सिंह कह रहे हैं कि शाह का बताया आंकड़ा महज एक अनुमान है.
उधर, एयर वाइस मार्शल आरजीके कपूर का कहना है कि हमारे पास साक्ष्य हैं कि जो लक्ष्य था, हमने हासिल किया. वहीं एयर स्ट्राइक के दिन यानी 26 फरवरी को विदेश सचिव विजय गोखले ने बताया कि गोपनीय सूचना के आधार पर वायुसेना ने ऐहतियाती गैर-सैन्य कार्रवाई की जिसमें बड़ी संख्या में आतंकी, कमांडर और ट्रेनर मारे गए.
एयर वाइस मार्शल (रिटायर्ड) कपिल काक का कहना है कि बालाकोट में कितने आतंकी मारे गए यह पाकिस्तान और उसकी खुफिया एजेंसी आईएसआई को ही पता होगा. इसके अलावा पाकिस्तान में जो हमारे ग्राउंड इंटेलिजेंस हैं उन्हें भी पता होगा. वहीं रक्षा विशेषज्ञ सी. उदय भास्कर का मानना है कि विदेश सचिव ने अगर कहा है कि बड़ी संख्या में आतंकी मारे गए, तब उन्होंने किसी सूचना के आधार पर ही ये बात कही होगी.
बालाकोट के सबूत क्या हैं?
बालाकोट में एयर स्ट्राइक पर विपक्षी दल सरकार से सबूत मांग रहे हैं. विपक्ष के सवाल पर सरकार उलटा पूछ रही है कि क्या सेना पर विश्वास नहीं? एयर वाइस मार्शल (रिटायर्ड) कपिल काक का कहना है कि युद्ध या युद्ध जैसी स्थिति में विरोधाभासी बयान नहीं होने चाहिए. जब वायुसेना और विदेश सचिव ने संख्या नहीं बताई तो 250-300 की संख्या कहां से आई. ऊपर से विदेश राज्य मंत्री का अमित शाह द्वारा बताई गई संख्या का बचाव करना भी अफवाहों को बल देने जैसा है. अगर सरकार के पास सबूत हैं तो उसे अगले ही दिन जनता के सामने रखने चाहिए.
कपिल काक का कहना है कि आजकल के हथियार ऐसे हैं जो बिल्डिंग नहीं गिराते लेकिन अंदर रहने वाले लोगों को मारते हैं. स्पाइस-2000 ऐसा ही स्मार्ट बम है जिसमें लेजर गाइडेड को-ऑर्डिनेट सेट किए जाते हैं. यह छत के रास्ते भीतर जाता है और बिल्डिंग के भीतर टारगेट को हिट करता है. उन्होंने बताया कि वायुसेना के पास जो भी सबूत हैं वो सैटेलाइट इमेज, तकनीक से हासिल होंगे. खुफिया एजेंसी रॉ के पास भी ऐसे संसाधन हैं जिनसे टारगेट की इमेज ली जा सकती है. इसे सिंथेटिक एपर्चर राडार कहते हैं जो घने बादल में भी तस्वीरें ले सकता है.
रक्षा विशेषज्ञ सी. उदय भास्कर ने कहा विदेश सचिव ने साफ कहा कि वहां बड़ी संख्या में आतंकवादी मारे गए. यह किसी न किसी इनपुट पर आधारित होगा. लेकिन जनता या विपक्षी दलों के सवाल पूछने के हक को भी नाकारा नहीं जा सकता. उन्होंने कहा कि हो सकता है सरकार अपनी सर्विलांस तकनीक उजागर नहीं करना चाहती हो इसलिए सबूत जारी नहीं किए जा रहे हों. हालांकि उन्होंने कहा कि इस तरह की स्ट्राइक में अगर हम आधे घंटे के भीतर इमेज ले पाते हैं तब तो ठीक है. लेकिन 24 घंटे बीत जाने के बाद दुश्मन देश को पास टारगेट छिपाने का पर्याप्त समय मिल जाता है.
क्या अभिनंदन ने ही गिराया एफ-16?
भारतीय एयर स्ट्राइक के अगले दिन पाकिस्तानी वायुसेना के विमानों ने भारतीय वायु क्षेत्र का उल्लंघन करने की कोशिश की. पाकिस्तानी वायुसेना ने भारत के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए कुछ मिसाइल भी दागे लेकिन इसमें कोई नुकसान नहीं हुआ. हालांकि पाकिस्तानी लड़ाकू विमान का पीछा करते हुए मिग-21 बाइसन एयरक्राफ्ट पर सवार विंग कमांडर अभिनंदन पाकिस्तान की सीमा में घुस गए. उनका विमान क्षतिग्रस्त हो गया जबकि पाकिस्तानी सेना ने उन्हें कब्जे में ले लिया. एयर वाइस मार्शल आरजीके कपूर ने AMRAAM मिसाइल के टुकड़े दिखाकर साबित किया कि यह मिसाइल सिर्फ एम-16 लड़ाकू विमान में ही फिट हो सकती हैं. उन्होंने बताया कि दोनों वायुसेनाओं की डॉग फाइट में भारत ने एक मिग-21 गंवाया जबकि पाकिस्तान का भी एक विमान मार गिराया गया.
भारत दावा कर रहा है कि उसने पाकिस्तान का एक एफ-16 विमान मार गिराया तो वहीं पाकिस्तान इससे इनकार कर रहा है. पाकिस्तान के इनकार के पीछे अमेरिका के साथ एफ-16 के प्रयोग की शर्त हो सकती है. लेकिन यह दावा किया जा रहा है कि पाकिस्तानी एफ-16 विमान को विंग कमांडर अभिनंदन ने मार गिराया. एयर मार्शल (रिटा.) आरसी वाजपेयी का कहना है कि पाकिस्तानी वायुसेना के विमान और भारतीय वायुसेना के विमानों के बीच डॉग फाइट हुई जिसमें मिग-21, सुखोई 30 और मिराज 2000 ने हिस्सा लिया. इसमें पाकिस्तान के एफ-16 विमानों ने हवा से हवा में मार करने वाली AMRAAM मिसाइल का इस्तेमाल कर सुखोई 30 और मिग 21 को निशाना बनाना चाहा. जिसके टुकड़े भारतीय सीमा में मिले हैं.
एयर मार्शल (रिटा.) आरसी वाजपेयी ने कहा कि चूंकि विंग कमांडर अभिनंनद ही अकेले फाइटर पायलट थे जिन्होंने नियंत्रण रेखा पार कर पाकिस्तानी विमानों को खदेड़ा था इसलिए यह दावा किया जा रहा है कि मिग-21 हिट होने से पहले उन्होंने पाकिस्तानी विमान को हवा से हवा मार करने वाली R73 मिसाइल से मार गिराया.
भारत का MI-17 हेलिकॉप्टर किसने गिराया?
भारतीय वायुसेना और पाकिस्तानी वायुसेना के बीच संघर्ष के 10 मिनट के भीतर बडगाम में भारतीय MI-17 चॉपर क्रैश हो गया. इस हादसे में 6 जवानों की मौत हो गई. इस घटना को लेकर जो आधिकारिक बयान आए हैं उसमें यह कहा गया है कि MI-17 रुटीन मिशन पर था. लेकिन यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि आखिर भारतीय हेलिकॉप्टर गिरा कैसे? इस घटना पर कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश दे दिए गए हैं जिसकी रिपोर्ट अगले 10-15 दिन में आने की उम्मीद है.
एयर मार्शल कपिल काक का मानना है कि पाकिस्तान ने भी यह दावा नहीं किया कि MI-17 हादसे से उसका कुछ लेना देना है. इस हादसे पर जांच बैठाई गई है लिहाजा इसका इंतजार करना चाहिए. हेलिकॉप्टर के ब्लैक बॉक्स या उसके मलबे से पता लगाने की कोशिश होगी कि यह तकनीकी खामी से हुआ हादसा था या इसके पीछे कोई अन्य कारण था.
हमने नियंत्रण रेखा लांघी या पाक सीमा?
बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद भारत के आधिकारिक बयान में यह कहा गया कि उसने अपने टारगेट पर प्रहार किया लेकिन यह स्पष्ट नहीं हुआ कि हमारी वायुसेना पाकिस्तान सीमा में दाखिल हुई या नियंत्रण रेखा से ही टारगेट को निशाना बनाया. रक्षा विशेषज्ञ सी. उदय भास्कर का कहना है कि हमले के बाद इंडियन एक्सप्रेस में आधिकारिक सूत्रों के हवाले से खबर आई थी भारतीय वायुसेना ने नियंत्रण रेखा से ही टारगेट को हिट किया. उदय भास्कर का कहना है कि वायुसेना की एयर पावर ऐसी है कि बिना दुश्मन की सीमा जाए टारगेट को निशाना बनाया जा सकता है.
एयर मार्शल (रिटा.) आरसी वाजपेयी का मानना है कि इस मामले में भारत का रुख स्पष्ट है कि उसने पाकिस्तान हमला नहीं किया बल्कि आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया है. वाजपेयी का कहना है कि हमने इस्त्राइल निर्मित AWACS सिस्टम का प्रयोग इसलिए किया ताकि पाकिस्तान के राडार सिस्टम को जाम किया जा सके. अगर हमें नियंत्रण रेखा के इस पार से ही हमला करना था तो यह किसी और मिसाइल से किया जा सकता था. वाजपेयी ने कहा कि बालाकोट का इलाका पहाड़ियों वाला है ऐसे सटीक निशाना बनाने के लिए टारगेट को स्पष्टता से लोकेट करना जरूरी है.
बालाकोट पर एयर स्ट्राइक ने चुनावी साल में राजनीतिक रंग ले लिया है. पुलवामा हमले के बाद जो विपक्ष सरकार के साथ खड़ा होने का दावा कर रहा था अब वो सरकार से सवाल पूछ रहा है. रक्षा विशेषज्ञ सी. उदय भास्कर का मानना है कि लोकतंत्र में चाहे जनता हो या विपक्षी दल उनके सवालों को राष्ट्रविरोधी बताकर नकारा नहीं जा सकता. द्वितीय विश्व युद्ध में इंग्लैंड की सरकार से सवाल पूछे गए थे, कारगिल युद्ध के बाद वाजपेयी सरकार से भी सवाल किए गए थे.
उदय भास्कर का मानना है कि अगर सूचना इतनी ही गोपनीय है तो सरकार विपक्षी दलों के शंका का समाधान तो कर ही सकती है. गोपनीयता की शपथ सबने ले रखी है. इंडिया टुडे/आजतक के न्यूज डायरेक्टर राहुल कंवल द्वारा केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल से पूछे गए सवाल और उसके जवाब में गोयल के व्यवहार की आलोचना करते हुए उदय भास्कर ने कहा कि गोयल आसानी से यह कहकर बच सकते थे कि वे इस सवाल का जवाब देने की क्षमता नहीं रखते. लेकिन पूछे गए सवाल को सीधे सेना पर सवाल बताना ठीक नहीं है.
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