Thursday, December 27, 2018

हवा में था इंडिगो का विमान और फेल हो गया इंजन, फिर

आप विमान में यात्रा कर रहे हों लेकिन तभी आपको पता लगे कि हवाई जहाज का इंजन फेल हो गया है. कुछ ऐसा ही हुआ इंडिगो की A320 फ्लाइट के साथ. 23 दिसंबर को पोर्ट ब्लेयर से कोलकाता उड़ान भरने वाली फ्लाइट को बीच रास्ते में वापस पोर्ट ब्लेयर में ही उतारना पड़ा. इंडिगो का ये विमान नियो विमान था, जिसका इंजन फेल हुआ.

इंडियो की ओर से जारी बयान में कहा गया कि 23 दिसंबर को इंडिगो के A320 विमान जो पोर्ट ब्लेयर से कोलकाता के लिए जा रहा था उसे वापस पोर्ट ब्लेयर में ही उतारा गया. पायलट को लगा कि इंजन नंबर दो के ऑयल प्रेशर में कोई दिक्कत है. इंडिगो ने कहा है कि सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया था, किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा.

इसके बाद पायलट ने तुरंत उसे वापस पोर्ट ब्लेयर में ही उतारा. इस विमान को अब लगभग एक हफ्ते के लिए पोर्ट ब्लेयर में ही रखा जाएगा, जहां उसके इंजन को ठीक किया जाएगा. आपको बता दें कि इससे पहले भी इंडिगो के कुछ विमानों में इस प्रकार की दुर्घटना होने से बच गई थी.

अभी कुछ दिन पहले ही दिल्ली से लखनऊ जाने वाले इंडिगो के विमान में बम की सूचना मिलने के बाद उसे उड़ान भरने से रोक दिया गया था. तब एक महिला यात्री ने 15 दिसंबर को शिकायत की थी, लखनऊ जा रहे इंडिगो के विमान में बम हैं. जिसके बाद सुरक्षा को देखते हुए विमान की उड़ान को रद्द कर दिया गया था.

एक्टर ने कहा, "मैं हमेशा से विराट की क्रिकेट का फैन रहा हूं. लेकिन फील्ड में उसका बिहेवियर मुझे पसंद नहीं. क्यों वे धोनी, द्रविड, कुंबले की तरह सभ्य बिहेव नहीं करते? मैं चाहता हूं कोई विराट को समझाए कि ऐसा बिहेव ना करें. वे क्यों ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटरों को कॉपी कर रहे हैं? फील्ड पर वे क्यों एग्रेसिव होते हैं? लोग मुझे विराट कोहली के खिलाफ बोलने के लिए ट्रोल कर रहे हैं."

नसीरुद्दीन शाह के बयान पर अनुपम खेर की प्रतिक्रिया

''वो मेरे सीनियर हैं. उनको पूरा हक है. ये उनका नजरिया है. मुझे तो एक ही विजुअल याद है इस संसार में. वो ये कि वे मुझसे पहले इस शहर में आए थे और उन्होंने मुझसे पहले अपनी पहचान बनाई. हर किसी को अपने विचार रखने का हक है. अगर वो मेरे विचारों से सहमत नहीं हैं तो ये भी उनका हक है. मैं उन्हें बहुत प्यार करता हूं. वे मेरे सीनियर और दिग्गज कलाकार हैं.''

''अगर मुझे कुछ कहना होगा तो मैं उन्हें फोन करुंगा और उनके घर पर जाऊंगा. कहूंगा कि आओ झगड़ा कर लेते हैं या गले मिल लेते हैं. इसकी बात मैं प्रेस में नहीं करूंगा.'' 

Tuesday, December 18, 2018

सुष्मिता ने शेयर की बॉयफ्रेंड की खास फोटो, लिखा रोमांटिक पोस्ट

बॉलीवुड एक्ट्रेस सुष्मिता सेन इन दिनों मॉडल रोहमन शॉल के साथ अपने रिलेशनशिप को लेकर सुर्खियों में हैं. सोशल मीडिया पर वे रोहमन के साथ फोटोज भी शेयर करती रहती हैं. दोनों का प्यार चरम पर है और सुष्मिता इसे किसी से भी नहीं छिपा रही हैं. उन्होंने अपने बॉयफ्रेंड की एक फोटो शेयर की है जिसमें वे काउच पर बैठे नजर आ रहे हैं.

पिछले कुछ समय से सुष्मिता और रोहमन की चर्चा हर तरफ हो रही है. सुष्मिता ने इंस्टाग्राम पर एक ताजा फोटो शेयर की और लिखा- ''जब हम अपने भूतकाल और भविष्य को छोड़ देते हैं तो वर्तमान सामने होता है. मैं देख रही हूं कि तुम मुझे देख रहे हो.''

कुछ दिन पहले सुष्मिता ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर फोटो शेयर की थी और प्यार भरा कैप्शन लिखा था. इससे पहले पिछले दिनों सुष्मिता के बर्थडे पर रोहमन ने एक खास तस्वीर शेयर करते हुए अपने प्यार का इजहार किया था.

मालूम हो कि सुष्मिता ने इस साल की दिवाली भी बॉयफ्रेंड रोहमन के साथ ही मनाई थी. तस्वीरों से साफ़ है कि बॉयफ्रेंड के साथ सुष्मिता मजबूत रिलेशनशिप में हैं. फिल्मों की बात करें तो, सुष्मिता ने अपने बॉलीवुड करियर के दौरान नायक, समय, मैं हूं ना, बीवी नंबर 1, क्योंकि मैं झूठ नहीं बोलता और फिजा जैसी फिल्मों में काम किया.

कुछ ही देर पहले भोपाल के जम्बूरी मैदान में कमलनाथ ने मध्य प्रदेश के 18वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली है. इस मौके पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी मौजूद रहे. निवर्तमान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी इस समारोह में शिरकत की. उन्होंने यहां मौजूद तमाम कांग्रेसी और गैर-बीजेपी दलों के नेताओं से मुलाकात की. कई मौकों पर वो मुस्कराते भी दिखे. साथ ही उन्होंने शपथ ग्रहण के बाद कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया के हाथ पकड़कर जनता का अभिवादन किया.

कर्जमाफी जुमला नहीं, गोशाला पर वादा भी करेंगे पूरा

इससे पहले कमलनाथ ने कहा था कि सीएम बनने के बाद उनकी पहली प्राथमिकता किसानों की कर्ज माफी है. आजतक के साथ बातचीत में उन्होंने कहा था कि कर्ज माफी कोई जुमला नहीं है, बल्कि किसानों का एक भरोसा है. कमलनाथ ने कहा था कि किसान कर्ज में जन्म लेता है, कर्ज में मरता है. उन्होंने दावा किया कि उनके शासनकाल में चीजें बदलेंगी. कमलनाथ ने कहा कि उनकी पार्टी वचनपत्र में लिखे गए वादों को पूरा करेगी. उन्होंने कहा कि गोशाला पर किए गए वादे को भी वे पूरा करेंगे.

Friday, December 14, 2018

किसानों की कर्जमाफी का रघुराम राजन ने किया विरोध, कहा- राजस्‍व को होगा नुकसान

रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने किसानों की कर्जमाफी का विरोध किया है. उन्‍होंने कहा है कि ऐसे फैसलों से राजस्व पर असर पड़ता है.  राजन ने कहा, '' किसान कर्ज माफी का सबसे बड़ा फायदा सांठगाठ वालों को मिलता है. अकसर इसका लाभ गरीबों को मिलने की बजाए उन्हें मिलता है, जिनकी स्थिति बेहतर है.''  उन्होंने आगे कहा कि जब भी कर्ज माफ किए जाते हैं, तो देश के राजस्व को भी नुकसान होता है.

बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने चुनाव प्रचार के दौरान अपनी रैलियों में किसानों से वादा किया था कि अगर मध्य प्रदेश में उनकी सरकार बनी तो 10 दिन के अंदर किसानों का कर्ज माफ कर दिया जाएगा. वहीं मध्‍य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री बनने के बाद कांग्रेस नेता कमलनाथ ने कहा है कि वह जल्‍द ही वादे को पूरा करेंगे.

पहले भी हो चुका है विरोध

यह पहली बार नहीं है जब किसानों की कर्ज माफी को लेकर विरोध हुआ है.इससे पहले जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में प्रचार के दौरान प्रदेश के किसानों का कर्ज माफ करने का वादा किया था तब भी विरोध हुआ था. तब देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई की तत्‍कालिन चेयरपर्सन अरुंधति भट्टाचार्य ने भी किसान कर्ज माफ किए जाने पर आपत्ति जताई थी. उन्होंने अनुशासन बिगड़ने की बात कही थी. उन्होंने कहा था कि कर्ज लेने वाले कर्ज चुकाने के बजाय अगले चुनाव का इंतजार करेंगे. किसान कर्ज माफी का विरोध करने वालों में रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर रहे एस.एस. मूंदड़ा भी शामिल थे.

इन राज्‍यों में किसानों को मिल चुकी है राहत

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने बीते साल राज्य के 86 लाख किसानों का करीब 30,729 करोड़ का कर्ज माफ किया था. राज्य के 7 लाख किसानों का जो लोन एनपीए बन गया है, वो भी माफ कर दिया गया था. वहीं महाराष्ट्र की बीजेपी सरकार ने 35 लाख किसानों का 1.5 लाख रुपये तक का लोन माफ किया था. 9 लाख किसानों को लोन के वन टाइम सेटेलमेंट का फायदा दिया गया. जबकि पंजाब में कांग्रेस सरकार ने 5 एकड़ तक की खेती की जमीन वाले किसानों को 2 लाख रुपये तक की कर्जमाफी की. कर्नाटक के सहकारी बैंक से लिए गए हर किसान का 50,000 रुपये तक का कर्ज माफ किया गया.

Tuesday, December 11, 2018

ऑस्ट्रेलिया में एक साल में टेस्ट जीतने वाले पहले एशियाई कप्तान

भारत ने सोमवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडिलेड टेस्ट में 31 रन से जीत हासिल की। विराट कोहली की कप्तानी में भारत को 10 साल बाद ऑस्ट्रेलिया की जमीन पर जीत मिली। इसी के साथ कोहली के नाम एक अनोखा रिकॉर्ड दर्ज हो गया। वे एक कैलेंडर ईयर में दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट जीतने वाले पहले एशियाई कप्तान बन गए।

भारत ने की पाकिस्तान की बराबरी

कोहली के इस रिकॉर्ड के साथ-साथ भारतीय टीम ने भी एक रिकॉर्ड बनाया। भारत ऐसी पहली एशियाई टीम बन गई है, जिसने एक कैलेंडर ईयर में दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट जीते हो। साथ ही भारत ने ऑस्ट्रेलिया में सीरीज का पहला टेस्ट जीतकर पाकिस्तान के एक रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। पाक टीम एक मात्र विदेशी टीम थी, जिसने ऑस्ट्रेलिया में सीरीज का पहला टेस्ट जीता था। उसने 1978-79 में ऐसा किया था। इस लिस्ट में अब भारत का नाम भी जुड़ गया है।

कोहली के लगातार तीसरे साल 2500 से ज्यादा रन

भारतीय कप्तान ने पहले टेस्ट की पहली पारी में 3 और दूसरी में 34 रन बनाए। उन्होंने लगातार तीसरे साल 2500 से ज्यादा रन बनाए। 2016 में कोहली ने 2595 और 2017 में 2818 रन बनाए थे। वहीं, इस साल अब तक उनके 2513 रन हो चुके हैं। वे लगातार तीन साल टेस्ट में 2500 से ज्यादा रन बनाने वाले दुनिया के इकलौते खिलाड़ी हैं।

Amazon.in के आंकड़े बताते हैं कि इस मार्केटप्लेस पर 4 लाख से अधिक आॅनलाइन विक्रेता मौजूद हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से 50 फीसदी सेज्यादा विक्रेता छोटे शहरों के हैं। इन विक्रेताओं में बड़ी संख्या में महिला उद्यमी और शिल्पकार व दस्तकार भी शामिल हैं। जो व्यवसायी पंरपरागत तरीके सेआॅफलाइन व्यवसाय करते हैं वे शुरुआत में ई—कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर आने में थोड़ा हिचकते हैं, लेकिन उनकी यह हिचक कुछ ही समय में दूर हो जाती है।

'ए लैदर गुड्स' के संचालक अनस कहते हैं कि 2011 से पहले वे जिन फर्मों को अपने उत्पाद बनाकर दे रहे थे वे उनसे उत्पाद खरीदकर उन्हीं को विदेशों मेंअधिक मुनाफे पर बेच रही थी। उन्हें अपने भाई से Amazon.in की जानकारी मिली और वे इससे जुड़ गए। कुछ वर्षों तक भारतीय बाजार में अच्छा प्रदर्शन करने के बाद पिछले साल उन्होंने Amazon.com के साथ अमरीका में अपने उत्पाद बेचना शुरू किया है और इसका उन्हें बहुत फायदा मिला है। अनस कहते हैं, 'अबमार्केट बहुत ओपेन हो गया है। हम दूसरों के लिए उत्पाद नहीं बना रहे हैं। हमारी दूसरे ट्रेडर्स पर डिपेंडेंसी कम हो गई है।'

अनस बताते हैं कि वे Amazon से इसलिए जुड़े क्योंकि यह एक भरोसेमंद मार्केटप्लेस है। अनस की कंपनी ने 2 प्रॉडक्ट्स के साथ बिजनेस शुरू किया और आज उनके 70 से अधिक प्रॉडक्ट मार्केटप्लेस पर मौजूद हैं। वे बताते हैं कि Amazon का सपोर्ट और लॉजिस्टिक पार्टनर बहुत अच्छे हैं। कोई भी नया व्यवसायी यहां अपना बिजनेस आसानी से शुरू कर सकता है।

Thursday, November 22, 2018

ज़्यादा रन बनाकर भी कैसे हारी टीम इंडिया?

ब्रिस्बेन का गाबा मैदान. भारतीय टीम के ऑस्ट्रेलियाई दौरे का पहला मैच. टी20 मुक़ाबले में विराट कोहली ने टॉस जीता और पहले गेंदबाज़ी करने का फ़ैसला किया.

ऑस्ट्रेलिया की पारी में 16.1 ओवर फेंके गए थे जब बारिश ने मैच में दख़ल दिया. ग्राउंड स्टाफ़ पिच और आसपास के इलाके को ढंकने के लिए कवर लेकर दौड़े.

फिर इंतज़ार शुरू हुआ. कुछ देर बाद बारिश थमी और ख़बर आई कि ऑस्ट्रेलिया को खेलने के लिए पांच गेंद और मिलेगी और मैच अब 17-17 ओवर का हो गया है.

17 ओवर पूरे होने पर ऑस्ट्रेलिया ने चार विकेट के नुकसान पर 158 रन बनाए थे. लेकिन भारत के सामने 17 ओवर में 174 रनों का लक्ष्य रखा गया. अंत में भारतीय टीम सिर्फ़ 169 रन बना पाई और चार रन से मैच हार गई.

लेकिन ये सवाल ज़हन में उठ सकता है कि जब ऑस्ट्रेलियाई टीम ने 17 ओवर में महज़ 158 रन बनाए थे तो भारत को 159 रनों का लक्ष्य क्यों नहीं दिया गया? ऑस्ट्रेलिया के रनों में 15 रन क्यों जोड़े गए.

इसकी वजह है बारिश और क्रिकेट में इस्तेमाल होने वाला डकवर्थ लुइस सिस्टम.

एक क्रिकेट मैच ठीक ठाक कराने के लिए मैदान पर 22 खिलाड़ियों और 2 अंपायरों की ज़रूरत होती है, लेकिन इसके साथ ही एक और खिलाड़ी हैं जिन्हें ख़ुश रखना बेहद ज़रूरी है.

ये खिलाड़ी हैं - इन्द्र देवता जो क्रिकेट तो नहीं खेलते, लेकिन क्रिकेट का पूरा खेल बिगाड़ ज़रूर सकते हैं.

मौसम की बागडोर इन्द्र देवता के हाथों में ही होती है इसीलिए हर मैच के दौरान उन से शांत रहने की प्रार्थना की जाती है.

लेकिन हर बार ये प्रार्थना सुनी नहीं जाती और कई अहम और दिलचस्प मैच नतीजा निकलने से पहले ही बीच में रोकने पड़ते हैं.

ऐसे मैचों के नतीजे तय करने के लिए अब तक कई तरीक़े अपनाए जा चुके हैं जिन्हें लेकर समय समय पर विवाद भी हुए हैं क्योंकि ये तरीक़े बहुत ही साधारण नियम के अनुसार काम करते थे और दोनों टीमों के साथ बराबर न्याय नहीं हो पाता था.

पर पिछले कई सालों से जो तरीक़ा एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में अपनाया जा रहा है वो है डकवर्थ लुइस तरीक़ा.

डकवर्थ लुइस तरीक़ा क्या है?

बारिश से प्रभावित मैचों में इस तरीक़े का इस्तेमाल कई बार किया जा चुका है.

आईसीसी के दायरे में आने वाले सभी एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में इसका इस्तेमाल किया जाता है.

इसका अविष्कार करने वाले हैं आँकड़ों के जानकार फ़्रैंक डकवर्थ और टोनी लुइस.

दोनों मानते हैं कि ये तरीक़ा समझने में बहुत ही आसान है, लेकिन सब लोग उनके इस दावे से सहमत नहीं हैं.

डकवर्थ लुइस तरीक़े के मुताबिक मैच खेल रही दोनों टीमों के पास दो साधन होते हैं जिनसे वो ज़्यादा ये ज़्यादा रन बनाने की कोशिश करते हैं.

ये दो साधन हैं - कुल बचे ओवर और बाक़ी बचे विकेट.

मैच के किसी भी मोड़ पर टीमों की रन बनाने की क्षमता इन दो साधनों पर ही निर्भर करती है.

Friday, November 2, 2018

तिनसुकिया में उग्रवादियों का हमला, गोली मारकर 5 लोगों की हत्या

असम के तिनसुकिया जिले के बिशनोईमुख गांव में उग्रवादी हमले में 5 लोगों की मौत हो गई। घटना गुरुवार शाम करीब 7 बजे की है। हमले के पीछे यूनाईटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा) का हाथ बताया जा रहा है। घटना से पहले उग्रवादियों ने 6 युवकों को अगवा कर लिया था। इसके बाद उग्रवादी इन युवाओं को ले गए और गोली मार दी। इनमें से चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ा। एक घायल शख्स को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

उल्फा के ये उग्रवादी परेश बरुआ ग्रुप के बताए जा रहे हैं, जिसे उल्फा आई के नाम से भी जाना जाता है। उग्रवादियों ने युवाओं पर उस वक्त फायरिंग की, जब वे ढोला सादिया पुल के करीब थे। मारे गए सभी लोग बंगाली समुदाय के थे। मृतकों के नाम श्यामलाल बिस्वास, अनंता बिस्वास, अविनाश बिस्वास और सुबोध दास बताए गए हैं। असम पुलिस के एडीजीपी मुकेश अग्रवाल के मुताबिक, हमले के पीछे उल्फा (आई) के उग्रवादियों का हाथ है।

कड़ी कार्रवाई होगी

असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने हमले की कड़ी आलोचना करते हुए इसे निर्दोष लोगों की हत्या करार दिया। उन्होंने कहा, "इस कायरतापूर्ण हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।" सोनोवाल ने यह भी कहा कि उन्होंने राज्य के मंत्री केशव महंत और तपन गोगोई को डीजीपी कुलधर सैकिया के साथ घटनास्थल पर पहुंचने के निर्देश दिए। 

गृहमंत्री राजमंत्री सिंह ने इस हमले की निंदा की है। कहा कि असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल से इस सिलसिले में बात की और उन्हें इस मामले में कड़ा कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

ममता ने एनआरसी को बताया हमले की वजह

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ट्वीट करके कहा, "क्या इसे हाल में हुए नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजंस (एनआरसी) मामले जोड़कर देखा जा सकता है? तिनसुकिया हमले की मैं निंदा करती हूं। मेरी संवेदनाएं मृतकों के परिवारों के साथ हैं। "

लगभग एक घंटे तक अनिल कुमार सिंह की टीम ने उस मकान का मुआयना किया और कोहराम की गिरफ्तारी का पीओ नोट किया। इसके बाद वापस चले गए। ममता देवी चतरा जिला जिला परिषद अध्यक्ष हैं। ममता देवी आवास पर नहीं मिलीं, इसलिए पुलिस को खाली हाथ वापस लौटना पड़ा। ममता देवी कोहराम की गिरफ्तारी के समय उसके पास से बरामद सामानों की आई विटनेस और इस संबंध में कटकमदाग थाना में दर्ज मामले की प्राथमिक अभियुक्त है। पुलिस ने ममता देवी के समक्ष ही जब्ती सूची तैयार की थी। गिरफ्तारी के बाद से अब तक की जांच में पुलिस को उसकी पत्नी के खिलाफ भी अहम तथ्य मिले हैं।

मकान मालिक भी संदेह के घेरे में, कोहराम को संरक्षण देने का आरोप
पुलिस ने मकान मालिक सुधीर पांडेय की भूमिका पर भी संदेह जताया और उस पर भी पैनी नजर बनाए हुए हैं। पुलिस का मानना है कि जिस कोहराम को पूरा झारखंड जानता है कि वह हार्डकोर उग्रवादी है। टीपीसी का सेकंड सुप्रीमो है। बगल में बने कोहराम के घर को पुलिस ने पिछले साल ही सील कर दिया है फिर सुधीर पांडेय ने उसे अपना घर किराए पर कैसे दे दिया? पुलिस ने सुधीर पांडेय पर उग्रवादी कोहराम को संरक्षण देने का आरोप लगाया है।