Thursday, November 22, 2018

ज़्यादा रन बनाकर भी कैसे हारी टीम इंडिया?

ब्रिस्बेन का गाबा मैदान. भारतीय टीम के ऑस्ट्रेलियाई दौरे का पहला मैच. टी20 मुक़ाबले में विराट कोहली ने टॉस जीता और पहले गेंदबाज़ी करने का फ़ैसला किया.

ऑस्ट्रेलिया की पारी में 16.1 ओवर फेंके गए थे जब बारिश ने मैच में दख़ल दिया. ग्राउंड स्टाफ़ पिच और आसपास के इलाके को ढंकने के लिए कवर लेकर दौड़े.

फिर इंतज़ार शुरू हुआ. कुछ देर बाद बारिश थमी और ख़बर आई कि ऑस्ट्रेलिया को खेलने के लिए पांच गेंद और मिलेगी और मैच अब 17-17 ओवर का हो गया है.

17 ओवर पूरे होने पर ऑस्ट्रेलिया ने चार विकेट के नुकसान पर 158 रन बनाए थे. लेकिन भारत के सामने 17 ओवर में 174 रनों का लक्ष्य रखा गया. अंत में भारतीय टीम सिर्फ़ 169 रन बना पाई और चार रन से मैच हार गई.

लेकिन ये सवाल ज़हन में उठ सकता है कि जब ऑस्ट्रेलियाई टीम ने 17 ओवर में महज़ 158 रन बनाए थे तो भारत को 159 रनों का लक्ष्य क्यों नहीं दिया गया? ऑस्ट्रेलिया के रनों में 15 रन क्यों जोड़े गए.

इसकी वजह है बारिश और क्रिकेट में इस्तेमाल होने वाला डकवर्थ लुइस सिस्टम.

एक क्रिकेट मैच ठीक ठाक कराने के लिए मैदान पर 22 खिलाड़ियों और 2 अंपायरों की ज़रूरत होती है, लेकिन इसके साथ ही एक और खिलाड़ी हैं जिन्हें ख़ुश रखना बेहद ज़रूरी है.

ये खिलाड़ी हैं - इन्द्र देवता जो क्रिकेट तो नहीं खेलते, लेकिन क्रिकेट का पूरा खेल बिगाड़ ज़रूर सकते हैं.

मौसम की बागडोर इन्द्र देवता के हाथों में ही होती है इसीलिए हर मैच के दौरान उन से शांत रहने की प्रार्थना की जाती है.

लेकिन हर बार ये प्रार्थना सुनी नहीं जाती और कई अहम और दिलचस्प मैच नतीजा निकलने से पहले ही बीच में रोकने पड़ते हैं.

ऐसे मैचों के नतीजे तय करने के लिए अब तक कई तरीक़े अपनाए जा चुके हैं जिन्हें लेकर समय समय पर विवाद भी हुए हैं क्योंकि ये तरीक़े बहुत ही साधारण नियम के अनुसार काम करते थे और दोनों टीमों के साथ बराबर न्याय नहीं हो पाता था.

पर पिछले कई सालों से जो तरीक़ा एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में अपनाया जा रहा है वो है डकवर्थ लुइस तरीक़ा.

डकवर्थ लुइस तरीक़ा क्या है?

बारिश से प्रभावित मैचों में इस तरीक़े का इस्तेमाल कई बार किया जा चुका है.

आईसीसी के दायरे में आने वाले सभी एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में इसका इस्तेमाल किया जाता है.

इसका अविष्कार करने वाले हैं आँकड़ों के जानकार फ़्रैंक डकवर्थ और टोनी लुइस.

दोनों मानते हैं कि ये तरीक़ा समझने में बहुत ही आसान है, लेकिन सब लोग उनके इस दावे से सहमत नहीं हैं.

डकवर्थ लुइस तरीक़े के मुताबिक मैच खेल रही दोनों टीमों के पास दो साधन होते हैं जिनसे वो ज़्यादा ये ज़्यादा रन बनाने की कोशिश करते हैं.

ये दो साधन हैं - कुल बचे ओवर और बाक़ी बचे विकेट.

मैच के किसी भी मोड़ पर टीमों की रन बनाने की क्षमता इन दो साधनों पर ही निर्भर करती है.

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