Tuesday, April 16, 2019

मस्जिदों में महिलाओं को प्रवेश देने की मांग, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से जवाब मांगा

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने मस्जिदों में मुस्लिम महिलाओं के प्रवेश की अनुमति को लेकर दायर याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने नेशनल कमीशन फॉर वुमेन, सेंट्रल वक्फ काउंसिल और आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड को भी नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने 4 हफ्तों में जवाब दाखिल करने को कहा है।

पुणे के मुस्लिम दंपत्ती ने दायर की याचिका
पुणे में रहने वाले मुस्लिम दंपत्ती ने याचिका में कहा कि मस्जिदों में जाना और नमाज अदा करना उनका मौलिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि मस्जिदों में महिलाओं को जाने से रोकना गैरकानूनी और असंवैधानिक है।

याचिका में कहा गया है कि कुरान में कहीं भी इसका जिक्र नहीं है कि मस्जिदों में महिलाएं प्रवेश नहीं कर सकती हैं। महिला और पुरुष को उनके आस्था के आधार पर पूजा या इबादत करने का पूरा अधिकार है। वर्तमान में महिलाओं को जमात-ए-इस्लामी और मुजाहिद संप्रदाय के तहत मस्जिदों में नमाज अदा करने की अनुमति है। लेकिन, सुन्नी गुट में यह अधिकार नहीं है।

मुस्लिम समुदाय में मस्जिद के भीतर महिलाओं के प्रवेश पर पाबंदी है। उन्हें अनुमति नहीं है कि वे मस्जिद में जाकर इबादत कर सकें। एक वर्ग मानता है कि यह फैसला सरासर गलत है। इस पर रोक लगाई जानी चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने मायावती की अपील खारिज की
बसपा सुप्रीमो मायावती ने प्रचार पर रोक के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की। उनके वकील ने कहा कि आयोग ने मायावती का पक्ष सुने बगैर एकतरफा कार्रवाई की है। यह आदेश रद्द किया जाना चाहिए। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमें नहीं लगता कि इस मामले में कोई आदेश दिया जाना चाहिए।

25 मार्च को जेट एयरवेज के बोर्ड ने रेजोल्यूशन प्लान को मंजूरी दी थी। इसके तहत एसबीआई के नेतृत्व वाले बैंकों के कंसोर्शियम से एयलाइन को 1,500 करोड़ रुपए की फंडिंग मिलनी थी। लेकिन, बैंकों की ओर से अभी तक सिर्फ 300 करोड़ रुपए ही मिल पाए हैं। बैंक प्रक्रिया संबंधी देरी (प्रॉसिडरल डिले) को इसकी वजह बता रहे हैं।

पेरिस. फ्रांस की राजधानी पेरिस में स्थित नोट्रेडम कैथेड्रल में सोमवार को आग लग गई। इससे कैथेड्रल का शिखर पूरी तरह जल गया। दमकलकर्मियों ने 15 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। अधिकारियों का कहना है कि 850 साल पुरानी इस इमारत का मूल ढांचा अभी सही सलामत है। कैथेड्रल के दो बेल टॉवर भी सुरक्षित हैं। हालांकि, इमारत के अंदर आर्टवर्क को कितना नुकसान हुआ यह अभी साफ नहीं है।

इसी बीच फ्रांस के सबसे अमीर बिजनेसमैन अरनॉल्ट एलवीएमएच ने नोट्रे डेम के पुनर्निर्माण के लिए 20 करोड़ यूरोज (करीब 1500 करोड़ रुपए) देने का वादा किया है। इसके अलावा हॉलीवुड एक्ट्रेस सलमा हाएक के पति फ्रंसिस हेनरी पिनॉल्ट ने भी 10 करोड़ यूरोज (करीब 786 करोड़ रु.) चंदा देने का ऐलान किया।

मैक्रों कर चुके हैं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चंदा जुटाने का वादा
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इसे दुखद घटना बताया। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि दमकलकर्मियों ने कैथेड्रल को और ज्यादा बुरी स्थिति में पहुंचने से बचा लिया। मैक्रों ने कैथेड्रल बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फंड जुटाने का भी वादा किया।

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